उस समय नवद्वीप में अद्वैत आचार्य निवास करते थे, जो सर्वोच्च वैष्णव थे, जिनकी महिमा पूरे विश्व में है।
At that time, Advaita Acharya lived in Navadvipa, who was the supreme Vaishnava, whose glory is known throughout the world.
तात्पर्य
ऐसे भौतिकवादी व्यक्तियों के समाज में भी, श्री अद्वैत आचार्य की सभी द्वारा महिमा की गई और उनकी पूजा की गई और उन्हें वैष्णवों के प्रवक्ता के रूप में स्वीकार किया गया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥