श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  1.2.73 
এই-মত বিষ্ণু-মাযা-মোহিত সṁসার
দেখি’ ভক্ত-সব দুঃখ ভাবেন অপার
एइ-मत विष्णु-माया-मोहित सꣳसार
देखि’ भक्त-सब दुःख भावेन अपार
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान की बहिरंग शक्ति से सम्पूर्ण जगत् को मोहित होते देख, समस्त भक्तों को असीम दुःख हुआ।
 
Thus, seeing the entire world captivated by the external power of the Lord, all the devotees felt immense sorrow.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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