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श्लोक 1.2.71  |
অতি-বড সুকৃতি সে স্নানের সময
’গোবিন্দ’ ’পুণ্ডরীকাক্ষ’-নাম উচ্চারয |
अति-वड सुकृति से स्नानेर समय
’गोविन्द’ ’पुण्डरीकाक्ष’-नाम उच्चारय |
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| अनुवाद |
| केवल परम पवित्र लोग ही स्नान के समय पुण्डरीकाक्ष और गोविन्द का नाम लेते थे। |
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| Only the most pious people took the name of Pundarikaksha and Govinda while bathing. |
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