श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 202
 
 
श्लोक  1.2.202 
অপূর্ব শুনিযা সব ভাগবত-গণ
সবে বলে,—’নিরন্তর হৌক গ্রহণ’
अपूर्व शुनिया सब भागवत-गण
सबे बले,—’निरन्तर हौक ग्रहण’
 
 
अनुवाद
इस अद्भुत कंपन को सुनकर सभी भक्तों ने कहा, "यह शाश्वत ग्रहण हो!"
 
Hearing this wonderful vibration, all the devotees said, "May this eternal eclipse!"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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