श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 196
 
 
श्लोक  1.2.196 
অনন্ত-ব্রহ্মাণ্ডে যত আছে সুমঙ্গল
সেই পূর্ণিমায আসি’ মিলিলা সকল
अनन्त-ब्रह्माण्डे यत आछे सुमङ्गल
सेइ पूर्णिमाय आसि’ मिलिला सकल
 
 
अनुवाद
उस पूर्णिमा की रात को अनंत ब्रह्माण्डों में विद्यमान सभी शुभ लक्षण एक साथ प्रकट हुए।
 
On that full moon night, all the auspicious signs present in the infinite universes appeared together.
तात्पर्य
ये पूर्णिमा सभी शुभ लक्षणों के साथ मिलकर अत्यधिक शुभ हो गई।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)