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श्लोक 1.2.181  |
যে তোমার পাদ-পদ্ম নিত্য ধ্যান করে
তাঙ্-সবার প্রভাবেই অমঙ্গল হরে |
ये तोमार पाद-पद्म नित्य ध्यान करे
ताङ्-सबार प्रभावेइ अमङ्गल हरे |
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| अनुवाद |
| “जो लोग आपके चरणकमलों का निरन्तर ध्यान करते हैं, उनकी उपस्थिति मात्र से ही समस्त अशुभता नष्ट हो जाती है। |
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| “Those who constantly meditate on Your lotus feet, their mere presence destroys all inauspiciousness. |
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