श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 168
 
 
श्लोक  1.2.168 
কতেক বা তোমার অনন্ত অবতার
কার শক্তি আছে ইহা সঙ্খ্যা করিবার?
कतेक वा तोमार अनन्त अवतार
कार शक्ति आछे इहा सङ्ख्या करिबार?
 
 
अनुवाद
अतः आप असंख्य अवतारों के मूल हैं। इन सबको गिनने की क्षमता किसमें है?
 
Therefore, You are the origin of countless incarnations. Who has the ability to count them all?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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