ब्रह्मचारी हमेशा गृहस्थों की तरह मुँड़ने का अवसर नहीं पाते हैं। इसलिए वे अक्सर अपने बाल और नाखून बढ़ाकर रखते हैं। आरामदायक घरों में रहने वालों के लिए, बाल और नाखून बढ़ाकर रखना एक असभ्य व्यक्ति का लक्षण है, किंतु ब्रह्मचारियों को इस मामले में कुछ रियायत है। ब्रह्मचारी आश्रम में नहीं रहने वालों को इस मामले में कोई अधिकार नहीं है।
