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श्लोक 1.2.160  |
তথাপিহ তুমি সে আপনে অবতরি’
সর্ব-ধর্ম বুঝাও পৃথিবী ধন্য করি’ |
तथापिह तुमि से आपने अवतरि’
सर्व-धर्म बुझाओ पृथिवी धन्य करि’ |
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| अनुवाद |
| “फिर भी आप सभी को धार्मिक सिद्धांतों की शिक्षा देने के लिए स्वयं अवतार लेते हैं और इस प्रकार पृथ्वी को गौरवशाली बनाते हैं। |
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| “Yet You Yourself incarnate to teach the religious principles to all and thus make the earth glorious. |
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