श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.2.16 
তথাপি শ্রী ভাগবতে, গীতায যে কয
তাহা লিখি, যে-নিমিত্তে ’অবতার’ হয
तथापि श्री भागवते, गीताय ये कय
ताहा लिखि, ये-निमित्ते ’अवतार’ हय
 
 
अनुवाद
फिर भी, मैं श्रीमद्भागवतम् और भगवद्गीता में वर्णित सभी कारण बता रहा हूँ।
 
Nevertheless, I am giving all the reasons mentioned in Srimad Bhagavatam and Bhagavad Gita.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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