এতেকে কে বুঝে, প্রভু, তোমার কারণ?
আপনি সে জান তুমি আপনার মন
एतेके के बुझे, प्रभु, तोमार कारण?
आपनि से जान तुमि आपनार मन
अनुवाद
अतः हे मेरे प्रभु, आपके प्रकट होने का कारण आपके अतिरिक्त और कौन जान सकता है?
So, O my Lord, who else but You can know the reason for Your appearance?
तात्पर्य
श्वेताश्वतर उपनिषद (3.19) में कहा गया है: स वेत्ति वेद्यं न च तस्य वेत्ता - "वह सबको जानता है, फिर भी उसे कोई नहीं जानता।" इस श्लोक के रहस्य को समझे बिना, जिनके हृदय झूठे तर्कों से जुड़े हुए हैं, वे इस तथ्य को नहीं समझ सकते कि प्रभु अपनी मर्ज़ी से अवतार लेते हैं। भगवान्, अपनी माया शक्ति से ऐसे लोगों को भ्रमित करने के लिए अपनी स्वतंत्रता बनाए रखते हैं और उनकी मानसिक कल्पना से परे बने रहते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥