श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 153
 
 
श्लोक  1.2.153 
জয জয সর্ব-সত্য-ময-কলেবর
জয জয ইচ্ছা-ময মহা-মহেশ্বর
जय जय सर्व-सत्य-मय-कलेवर
जय जय इच्छा-मय महा-महेश्वर
 
 
अनुवाद
"शुद्ध आध्यात्मिक शरीर वाले परम प्रभु की जय हो। पूर्ण स्वतंत्र परम पुरुषोत्तम भगवान की जय हो।
 
“Victory to the Supreme Lord, who has a pure spiritual body. Victory to the Supreme Personality of Godhead, who is completely independent.
तात्पर्य
श्री गौरासुन्दर का शरीर सच्चिदानन्द है। उस पूर्ण विशिष्ट व्यक्तित्व की जय हो जो प्रभुओं के प्रभु है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)