श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 120
 
 
श्लोक  1.2.120 
যবে নাহি পারোঙ্, তবে এই দেহ হৈতে
প্রকাশিযা চারি-ভুজ, চক্র লৈমু হাতে
यबे नाहि पारोङ्, तबे एइ देह हैते
प्रकाशिया चारि-भुज, चक्र लैमु हाते
 
 
अनुवाद
“यदि मैं ऐसा करने में असफल रहा तो मैं चार भुजाएं प्रकट करूंगा और अपना चक्र उठा लूंगा।
 
“If I fail to do so, I will manifest four arms and take my chakra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)