श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 112
 
 
श्लोक  1.2.112 
শুনিযা পাষণ্ডী বোলে,—’হৈল প্রমাদ
এ ব্রাহ্মণ করিবেক গ্রামের উত্সাদ
शुनिया पाषण्डी बोले,—’हैल प्रमाद
ए ब्राह्मण करिबेक ग्रामेर उत्साद
 
 
अनुवाद
यह मंत्रोच्चार सुनकर नास्तिक कहते, "यह कैसा पागलपन है! यह ब्राह्मण श्रीवास इस गाँव को बर्बाद कर देगा।"
 
Hearing this chant, the atheists would say, "What madness is this! This Brahmin Srivasa will ruin this village."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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