श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.17.4 
হেন-মতে নবদ্বীপে শ্রী-বৈকুণ্ঠ-নাথ
অধ্যাপক-শিরোমণি-রূপে করে বাস
हेन-मते नवद्वीपे श्री-वैकुण्ठ-नाथ
अध्यापक-शिरोमणि-रूपे करे वास
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वैकुण्ठ के भगवान् गुरुओं के शिखर रत्न के रूप में नवद्वीप में निवास करते थे।
 
Thus the Lord of Vaikuntha resided in Navadvipa as the crown jewel of the gurus.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)