श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.17.21 
বিপ্র-পাদোদকের মহিমা বুঝাইতে
পান করিলেন প্রভু আপনে সাক্ষাতে
विप्र-पादोदकेर महिमा बुझाइते
पान करिलेन प्रभु आपने साक्षाते
 
 
अनुवाद
तब भगवान ने उस जल को पिया जिसने ब्राह्मणों के पैर धोये थे, ताकि उसकी महिमा प्रकट हो सके।
 
The Lord then drank the water that had washed the feet of the Brahmins, so that His glory might be revealed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)