श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  1.16.84 
হিন্দু বা কি করে তা’রে, যার যেই কর্ম
আপনে যে মৈল, তা’রে মারিযা কি ধর্ম
हिन्दु वा कि करे ता’रे, यार येइ कर्म
आपने ये मैल, ता’रे मारिया कि धर्म
 
 
अनुवाद
"हिंदू क्या कर सकते हैं? यही तो उनका कर्म है। अगर कोई मर ही गया है, तो उसे मारने का क्या फ़ायदा?"
 
"What can Hindus do? This is their duty. If someone is already dead, what's the point of killing him?"
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