श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  1.16.70 
আপনে জিজ্ঞাসে তাঙ্’রে মুলুকের পতি
“কেনে, ভাই, তোমার কি-রূপ দেখি মতি?
आपने जिज्ञासे ताङ्’रे मुलुकेर पति
“केने, भाइ, तोमार कि-रूप देखि मति?
 
 
अनुवाद
तब राजा ने व्यक्तिगत रूप से पूछा, “मेरे प्यारे भाई, तुम्हारी ऐसी मानसिकता क्यों है?
 
Then the king personally asked, “My dear brother, why do you have such a mentality?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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