श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा  »  श्लोक 270
 
 
श्लोक  1.16.270 
কা’র শিক্ষা,—হরি-নাম ডাকিযা লৈতে?
এই ত’ পণ্ডিত-সভা, বলহ ইহাতে”
का’र शिक्षा,—हरि-नाम डाकिया लैते?
एइ त’ पण्डित-सभा, बलह इहाते”
 
 
अनुवाद
"आपको ज़ोर-ज़ोर से हरि का नाम जपना किसने सिखाया है? कृपया इस विद्वान सभा के समक्ष अपना स्पष्टीकरण दीजिए।"
 
"Who taught you to chant Hari's name loudly? Please explain yourself before this learned assembly."
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd