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श्लोक 1.16.255  |
তাহাতে ও দুষ্ট-গণ মহা-ক্রোধ করে
পাষণ্ডী পাষণ্ডী মেলি’ বল্গিযাই মরে |
ताहाते ओ दुष्ट-गण महा-क्रोध करे
पाषण्डी पाषण्डी मेलि’ बल्गियाइ मरे |
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| अनुवाद |
| इस पर भी दुष्ट लोग बहुत क्रोधित हो जाते थे। वे नास्तिक लोग इकट्ठे होकर भक्तों की निन्दा करते थे। |
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| Even this angered the wicked. These atheists would gather together and slander the devotees. |
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