श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.16.20 
পাইযা তাহান সঙ্গ আচার্য-গোসাঞি
হুঙ্কার করেন, আনন্দের অন্ত নাই
पाइया ताहान सङ्ग आचार्य-गोसाञि
हुङ्कार करेन, आनन्देर अन्त नाइ
 
 
अनुवाद
हरिदास की संगति पाकर अद्वैत आचार्य असीम आनंद में गर्जना करने लगे।
 
Having the company of Haridas, Advaita Acharya started roaring with immense joy.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd