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श्लोक 1.16.193  |
মহামণি জ্বলিতেছে মস্তক-উপরে
দেখি’ ভযে বিপ্র-গণ ’কৃষ্ণ কৃষ্ণ’ স্মরে |
महामणि ज्वलितेछे मस्तक-उपरे
देखि’ भये विप्र-गण ’कृष्ण कृष्ण’ स्मरे |
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| अनुवाद |
| जब ब्राह्मणों ने उसके सिर पर चमकीली मणि देखी, तो उन्हें भय से कृष्ण का स्मरण हो आया। |
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| When the Brahmins saw the shining gem on his head, they were afraid and remembered Krishna. |
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