श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा  »  श्लोक 165
 
 
श्लोक  1.16.165 
হরিদাস বলেন,—“শুনহ বিপ্র-গণ!
দুঃখ না ভাবিহ কিছু আমার কারণ
हरिदास बलेन,—“शुनह विप्र-गण!
दुःख ना भाविह किछु आमार कारण
 
 
अनुवाद
तब हरिदास बोले, "हे ब्राह्मणों, कृपया सुनो। मुझ पर दया मत करो।
 
Then Haridas said, "O Brahmins, please listen. Do not pity me.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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