| श्री चैतन्य भागवत » खण्ड 1: आदि-खण्ड » अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा » श्लोक 125 |
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| | | | श्लोक 1.16.125  | “মাটি দেহ’ নিঞা” বলে মুলুকের পতি
কাজী কহে,—“তবে ত পাইবে ভাল-গতি | “माटि देह’ निञा” बले मुलुकेर पति
काजी कहे,—“तबे त पाइबे भाल-गति | | | | | | अनुवाद | | राजा ने उन्हें आदेश दिया, “उसे दफना दो”, लेकिन काजी ने जवाब दिया, “तब वह उच्चतर स्थान प्राप्त करेगा।” | | | | The king ordered them, “Bury him,” but the Qazi replied, “Then he will attain a higher position.” | | ✨ ai-generated | | |
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