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श्लोक 1.16.109  |
অসুর-প্রহারে যেন প্রহ্লাদ-বিগ্রহে
কোন দুঃখ না জানিল,—সর্ব-শাস্ত্রে কহে |
असुर-प्रहारे येन प्रह्लाद-विग्रहे
कोन दुःख ना जानिल,—सर्व-शास्त्रे कहे |
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| अनुवाद |
| शास्त्रों में बताया गया है कि जब राक्षसों ने प्रह्लाद को बेरहमी से पीटा तो उसे कोई पीड़ा नहीं हुई। |
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| It is said in the scriptures that when the demons beat Prahlad mercilessly, he did not feel any pain. |
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