vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह
»
श्लोक 80
श्लोक
1.15.80
মৃদঙ্গ, সানাঞি, জযঢাক, করতাল
নানা-বিধ বাদ্য-ধ্বনি উঠিল বিশাল
मृदङ्ग, सानाञि, जयढाक, करताल
नाना-विध वाद्य-ध्वनि उठिल विशाल
अनुवाद
मृदंग, सानानि, जयधक और करताल जैसे विभिन्न वाद्यों के बजने से कोलाहलपूर्ण ध्वनि उत्पन्न हुई।
The playing of various instruments like Mridang, Sanani, Jaidhak and Kartal created a noisy sound.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×