श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  1.15.59 
যেন কৃষ্ণ-রুক্মিণীতে অন্যো’ন্য-উচিত
সেই-মত বিষ্ণুপ্রিযা-নিমাঞি-পণ্ডিত”
येन कृष्ण-रुक्मिणीते अन्यो’न्य-उचित
सेइ-मत विष्णुप्रिया-निमाञि-पण्डित”
 
 
अनुवाद
“विष्णुप्रिया और निमाई पंडिता कृष्ण और रुक्मिणी की तरह ही उपयुक्त जोड़ी हैं।”
 
“Vishnupriya and Nimai Pandita are a suitable match, just like Krishna and Rukmini.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)