श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  1.15.40 
সেই নবদ্বীপে বৈসে মহা-ভাগ্যবান্
দযাশীল-স্বভাব—শ্রী-সনাতন নাম
सेइ नवद्वीपे वैसे महा-भाग्यवान्
दयाशील-स्वभाव—श्री-सनातन नाम
 
 
अनुवाद
नवद्वीप में श्री सनातन मिश्र नामक एक परम भाग्यशाली और दयालु भक्त रहते थे।
 
In Navadvipa there lived a very fortunate and kind devotee named Sri Sanatana Mishra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)