श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.15.22 
যত যত বলে, প্রভু প্রবোধ না মানে
নানা-মতে কদর্থেন সে-দেশী-বচনে
यत यत बले, प्रभु प्रबोध ना माने
नाना-मते कदर्थेन से-देशी-वचने
 
 
अनुवाद
प्रभु ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि वह उनके उच्चारण और बोलने के तरीके की नकल करते रहे।
 
The Lord did not pay attention to what he said, but instead kept imitating his accent and manner of speaking.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)