श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.15.21 
আপনে হৈযা শ্রীহট্টিযার তনয
তবে গোল কর,—কোন্ যুক্তি ইথে হয?”
आपने हैया श्रीहट्टियार तनय
तबे गोल कर,—कोन् युक्ति इथे हय?”
 
 
अनुवाद
“आप स्वयं श्रीहठवासी के पुत्र के रूप में जन्मे हैं, फिर आप हमें क्यों तंग करते हैं?”
 
“You yourself were born as the son of Shrihatvasi, then why do you trouble us?”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)