vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह
»
श्लोक 16
श्लोक
1.15.16
এতেক ঔদ্ধত্য প্রভু করেন কৌতুকে
হেন নাহি,—যা’রে না চালেন নানা-রূপে
एतेक औद्धत्य प्रभु करेन कौतुके
हेन नाहि,—या’रे ना चालेन नाना-रूपे
अनुवाद
इस प्रकार भगवान ने मजाक-मजाक में सभी की गलतियाँ निकालीं; भगवान की चिढ़ाने वाली टिप्पणियों से कोई भी नहीं बचा।
Thus the Lord playfully pointed out the faults of everyone; no one was spared from the Lord's teasing remarks.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×