श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.15.16 
এতেক ঔদ্ধত্য প্রভু করেন কৌতুকে
হেন নাহি,—যা’রে না চালেন নানা-রূপে
एतेक औद्धत्य प्रभु करेन कौतुके
हेन नाहि,—या’रे ना चालेन नाना-रूपे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान ने मजाक-मजाक में सभी की गलतियाँ निकालीं; भगवान की चिढ़ाने वाली टिप्पणियों से कोई भी नहीं बचा।
 
Thus the Lord playfully pointed out the faults of everyone; no one was spared from the Lord's teasing remarks.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)