श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 159
 
 
श्लोक  1.15.159 
নবদ্বীপ-বাসীর চরণে নমস্কার
এ সব আনন্দ দেখিবারে শক্তি যা’র
नवद्वीप-वासीर चरणे नमस्कार
ए सब आनन्द देखिबारे शक्ति या’र
 
 
अनुवाद
मैं नवद्वीप के उन निवासियों को प्रणाम करता हूँ जो ऐसी लीलाएँ देखने के योग्य थे।
 
I offer my respects to the inhabitants of Navadvipa who were worthy of witnessing such pastimes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)