श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 156
 
 
श्लोक  1.15.156 
এই-মত স্ত্রী-পুরুষে প্রভুরে দেখিযা
আনন্দে ভাসযে দেখি’ সুকৃতি নদীযা
एइ-मत स्त्री-पुरुषे प्रभुरे देखिया
आनन्दे भासये देखि’ सुकृति नदीया
 
 
अनुवाद
नादिया के धर्मपरायण स्त्री-पुरुष, जिन्होंने भगवान की बारात देखी, आनंद के सागर में तैर गए।
 
The pious men and women of Nadia, who witnessed the Lord's procession, were immersed in an ocean of joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)