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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 1: आदि-खण्ड
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अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह
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श्लोक 134
श्लोक
1.15.134
ঈশ্বরের মূর্তি দেখি’ যত নর-নারী
মুগ্ধ হৈলেন সবে আপনা’ পাশরি’
ईश्वरेर मूर्ति देखि’ यत नर-नारी
मुग्ध हैलेन सबे आपना’ पाशरि’
अनुवाद
भगवान के सुन्दर रूप को देखकर सभी उपस्थित नर-नारी अभिभूत हो गये और अपनी सुध-बुध भूल गये।
Seeing the beautiful form of God, all the men and women present there were overwhelmed and lost their senses.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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