vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव
»
श्लोक 154
श्लोक
1.14.154
শুনি’ প্রভু কহে,—“সত্য যে হয উচিত
আর কা’রে না কহিবা এ-সব চরিত”
शुनि’ प्रभु कहे,—“सत्य ये हय उचित
आर का’रे ना कहिबा ए-सब चरित”
अनुवाद
भगवान मुस्कुराये और बोले, “जो भी सपना तुमने देखा है वह सच है, लेकिन इसे किसी को मत बताना।”
God smiled and said, “Whatever dream you have seen is true, but do not tell it to anyone.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×