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श्लोक 1.14.154  |
শুনি’ প্রভু কহে,—“সত্য যে হয উচিত
আর কা’রে না কহিবা এ-সব চরিত” |
शुनि’ प्रभु कहे,—“सत्य ये हय उचित
आर का’रे ना कहिबा ए-सब चरित” |
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| अनुवाद |
| भगवान मुस्कुराये और बोले, “जो भी सपना तुमने देखा है वह सच है, लेकिन इसे किसी को मत बताना।” |
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| God smiled and said, “Whatever dream you have seen is true, but do not tell it to anyone.” |
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