श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 154
 
 
श्लोक  1.14.154 
শুনি’ প্রভু কহে,—“সত্য যে হয উচিত
আর কা’রে না কহিবা এ-সব চরিত”
शुनि’ प्रभु कहे,—“सत्य ये हय उचित
आर का’रे ना कहिबा ए-सब चरित”
 
 
अनुवाद
भगवान मुस्कुराये और बोले, “जो भी सपना तुमने देखा है वह सच है, लेकिन इसे किसी को मत बताना।”
 
God smiled and said, “Whatever dream you have seen is true, but do not tell it to anyone.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)