श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  1.13.84 
সহস্র-সহস্র যত প্রভুর শিষ্য-গণ
অবাক্ হৈলা সবে শুনিঞা বর্ণন
सहस्र-सहस्र यत प्रभुर शिष्य-गण
अवाक् हैला सबे शुनिञा वर्णन
 
 
अनुवाद
भगवान के हजारों शिष्य उन विवरणों को सुनकर अवाक रह गए।
 
Thousands of disciples of the Lord were left speechless after hearing those details.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)