श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  1.13.51 
অনেক মণ্ডলী হৈ’ সর্ব-শিষ্য-গণ
বসিলেন চতুর্-দিকে পরম-শোভন
अनेक मण्डली है’ सर्व-शिष्य-गण
वसिलेन चतुर्-दिके परम-शोभन
 
 
अनुवाद
जब विद्यार्थी विभिन्न समूहों में भगवान के चारों ओर बैठे तो एक अभूतपूर्व दृश्य उत्पन्न हो गया।
 
When the students sat around the Lord in different groups, an unprecedented scene was created.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)