যাঙ্’র দৃষ্টি-পাত-মাত্রে হয বিষ্ণু-ভক্তি
’দিগ্বিজযী’-বর বা তাহান কোন্ শক্তি?
याङ्’र दृष्टि-पात-मात्रे हय विष्णु-भक्ति
’दिग्विजयी’-वर वा ताहान कोन् शक्ति?
अनुवाद
जब उनकी कृपादृष्टि मात्र से ही कोई भगवान विष्णु की भक्ति प्राप्त कर लेता है, तो उसे विद्या का पुजारी बनने का आशीर्वाद देने में उन्हें क्या कठिनाई है?
When someone attains devotion to Lord Vishnu by his mere glance, then what difficulty does he have in blessing him to become a worshipper of knowledge?
तात्पर्य
जब शुद्ध सरस्वतीदेवी की अद्वैत दयादृष्टि से भगवान विष्णु की भक्ति का परमधन्यलाभ हो जाता है, तब इस लोक के मनुष्यों को दिग्विजयी होना आदि वरदान देना उसे सरल और अति तुच्छ जान पड़ता है.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥