श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना  »  श्लोक 203
 
 
श्लोक  1.13.203 
কেহ কেহ বোলে,—“ভাই, মিলি’ সর্ব-জনে
’বাদিসিṁহ’ বলি’ পদবী দিব তা’নে
केह केह बोले,—“भाइ, मिलि’ सर्व-जने
’बादिसिꣳह’ बलि’ पदवी दिब ता’ने
 
 
अनुवाद
किसी और ने कहा, “हे भाई, आओ हम सब मिलकर उन्हें ‘बादिसिंह’ की उपाधि प्रदान करें।”
 
Someone else said, “Hey brother, let us all together give him the title of ‘Badi Singh’.”
तात्पर्य
रामानुज की परम्परा के एक वैष्णव का नाम बादिसंह है। वे अद्वैतवाद के दर्शन का नाश करने में सिंह की तरह थे। यह समझना होगा कि पूर्व में जब भी कोई विद्वान किसी अन्य विद्वान को हराता था, उसे बादिसंह की उपाधि से सम्मानित किया जाता था।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)