श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना  »  श्लोक 197
 
 
श्लोक  1.13.197 
হেন-মতে দিগ্বিজযী পাইলা মোচন
হেন গৌরসুন্দরের অদ্ভুত কথন
हेन-मते दिग्विजयी पाइला मोचन
हेन गौरसुन्दरेर अद्भुत कथन
 
 
अनुवाद
इस प्रकार दिग्विजयी को भौतिक जीवन से मुक्ति मिली। श्री गौरसुन्दर की ऐसी अद्भुत कथाएँ हैं।
 
Thus, Digvijayi attained liberation from material life. Such are the wonderful stories of Shri Gaurasundara.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)