vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना
»
श्लोक 18
श्लोक
1.13.18
হেন-মতে সবারে মোহিযা গৌরচন্দ্র
বিদ্যা-রসে নবদ্বীপে করে প্রভু রঙ্গ
हेन-मते सबारे मोहिया गौरचन्द्र
विद्या-रसे नवद्वीपे करे प्रभु रङ्ग
अनुवाद
इस प्रकार गौरचन्द्र ने नवद्वीप में अपनी विद्यामय लीलाओं का आनन्द लेते हुए सबको मोहित कर लिया।
Thus Gaurachandra captivated everyone in Navadvipa by enjoying his scholarly pastimes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×