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श्लोक 1.13.170  |
এই-মত কাকুবাদ অনেক করিযা
স্তুতি করে দিগ্বিজযী অতি-নম্র হৈযা |
एइ-मत काकुवाद अनेक करिया
स्तुति करे दिग्विजयी अति-नम्र हैया |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार अनेक विलापपूर्ण वचन कहकर दिग्विजयी ने नम्रतापूर्वक भगवान् से प्रार्थना की। |
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| Thus, saying many lamentable words, Digvijayi humbly prayed to God. |
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