श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना  »  श्लोक 155
 
 
श्लोक  1.13.155 
কলি-যুগে বিপ্র-রূপে তুমি নারাযণ
তোমারে চিনিতে শক্তি ধরে কোন্ জন?
कलि-युगे विप्र-रूपे तुमि नारायण
तोमारे चिनिते शक्ति धरे कोन् जन?
 
 
अनुवाद
आप तो भगवान नारायण हैं, किन्तु कलियुग में आप ब्राह्मण रूप में प्रकट हुए हैं। आपको पहचानने की शक्ति किसमें है?
 
You are Lord Narayana, but in Kaliyuga you have appeared in the form of a Brahmin. Who has the power to recognize you?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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