श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना  »  श्लोक 144
 
 
श्लोक  1.13.144 
বেদে ও কি জানেন উহান অবতার?
জানাইলে জানযে, অন্যথা শক্তি কা’র?
वेदे ओ कि जानेन उहान अवतार?
जानाइले जानये, अन्यथा शक्ति का’र?
 
 
अनुवाद
"क्या वेद भगवान के इस अवतार को जानते हैं? जब तक भगवान स्वयं प्रकट न हों, तब तक कौन जान सकता है?"
 
"Do the Vedas know this incarnation of the Lord? Unless the Lord Himself appears, who can know?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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