श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना  »  श्लोक 116
 
 
श्लोक  1.13.116 
অতএব নবদ্বীপে যতেক পণ্ডিত
সবার প্রভুর প্রতি মনে বড প্রীত
अतएव नवद्वीपे यतेक पण्डित
सबार प्रभुर प्रति मने बड प्रीत
 
 
अनुवाद
इसीलिए नवद्वीप के सभी विद्वान भगवान के प्रति इतने स्नेही थे।
 
That is why all the scholars of Navadvipa were so affectionate towards the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)