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श्लोक 1.12.67  |
এক-দিন বাযু-দেহ-মান্দ্য করি’ ছল
প্রকাশেন প্রেম-ভক্তি-বিকার সকল |
एक-दिन वायु-देह-मान्द्य करि’ छल
प्रकाशेन प्रेम-भक्ति-विकार सकल |
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| अनुवाद |
| एक दिन, अत्यधिक गैस के कारण बीमारी के बहाने, भगवान ने परमानंद प्रेम के रूपांतरण प्रकट किये। |
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| One day, under the pretext of illness due to excessive gas, the Lord manifested a transformation of ecstatic love. |
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