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श्लोक 1.12.56  |
প্রভু দেখিলেই মাত্র নগরিযা-গণ
পরম আদর করি’ বন্দেন চরণ |
प्रभु देखिलेइ मात्र नगरिया-गण
परम आदर करि’ वन्देन चरण |
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| अनुवाद |
| जब भी वहाँ के निवासी प्रभु को देखते तो बड़े आदर के साथ उनका स्वागत करते। |
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| Whenever the residents there saw the Lord, they welcomed him with great respect. |
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