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श्लोक 1.12.54  |
এই-মত ঠাকুর সবার চিত্ত হরে’
হেন নাহি, যে জনে অপেক্ষা নাহি করে |
एइ-मत ठाकुर सबार चित्त हरे’
हेन नाहि, ये जने अपेक्षा नाहि करे |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार निमाई ने सबका मन मोह लिया। उनकी आकर्षण शक्ति से कोई नहीं बच सका। |
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| Thus, Nimai captivated everyone. No one could escape his attractive power. |
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