श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 12: भगवान का नवद्वीप में भ्रमण  »  श्लोक 282
 
 
श्लोक  1.12.282 
সে আনন্দ যে-যে-ভাগ্যবন্ত দেখিলেক
কোন্ জন আছে,—তা’র ভাগ্য বলিবেক?
से आनन्द ये-ये-भाग्यवन्त देखिलेक
कोन् जन आछे,—ता’र भाग्य बलिबेक?
 
 
अनुवाद
उन लीलाओं को देखने वाले पुण्यात्माओं के सौभाग्य की गणना कौन कर सकता है?
 
Who can calculate the good fortune of the virtuous souls who witnessed those Leelas?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)