श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 12: भगवान का नवद्वीप में भ्रमण  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  1.12.27 
প্রভু বোলে,—“গদাধর, আজি যাহ ঘর
কালি বুঝিবাঙ, তুমি আসিহ সত্বর”
प्रभु बोले,—“गदाधर, आजि याह घर
कालि बुझिबाङ, तुमि आसिह सत्वर”
 
 
अनुवाद
भगवान ने कहा, "गदाधर, तुम आज घर जा सकते हो, लेकिन कल जल्दी आना ताकि हम और अधिक चर्चा कर सकें।"
 
The Lord said, “Gadadhar, you can go home today, but come early tomorrow so we can discuss more.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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